Saturday, 26 December 2015

औपचारिकताओ से आगे बढे मोदी जी



जब से मोदी जी ने देश की कमान संभाली है तभी से हर दिन ऐसा घट रहा जो राजनीतिक नजरिये से अप्रत्याशित है। मोदी जी ने अपने शपथ ग्रहण समाहरोह में सार्क देशो को बुला कर सभी को चौंका दिया था। जब वह संसद में पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में जा रहे थे तो उन्होंने  लोकतंत्र के मंदिर  (संसद) में माथा टेक कर प्रवेश किया यह एक ऐतिहासिक क्षण था। प्रधानमंत्री जी का हर साल होने वाली तीनो सेनाओ के जनरल के साथ सुरक्षा के विषय को लेकर बैठक इस बार पारम्परिक तौर पर होने वाली बैठक नहीं थी जो सिर्फ दिल्ली में बुलाई और ख़त्म होगई। इस बार यह बैठक आईएनएस विक्रमादित्य पर बुलाई गई और वंहा जाकर मोदी जी ने देश की रक्षा तैयारियों का जायजा लिया। यह भी एक अप्रत्याशित घटना थी। 

मोदी जी ने अभी कुछ दिन पहले गुजरात के रण में देश के सभी डि जी पी की बैठक हुई जो हर साल होती है इस बार यह बैठक 18 दिसम्बर से शुरू हुई और तीन दिन चली। इस दौरान मोदी जी ने सभी डी जी पी के साथ मिलकर योग आसान भी किये और देश की आंतरिक सुरक्षा की समीक्षा भी की। यह अप्रत्याशित घटना इस लिए थी क्योकि आजतक ऐसी सभी बैठके दिल्ली में एसी हॉल में बैठकर हुई और जिनकी समय अवधि एक घंटे से ज्यादा नहीं होती थी। अब आप अंदाजा लगा सकते है कि हमारे देश में 36 डी जी पी है केंद्र शासित प्रदेशो को मिलाकर, अगर एक डी जी पी भी दो मिनट भी लेगा अपने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था का विवरण देने में तो भी यह 60 मिनट की समय सीमा को पार कर जाएगी। मोदी जी के आने के बाद से इस व्यवस्था में काफी परिवर्तन आया है। इससे पहले की बैठक गुवाहाटी हुई थी तो आप अंदाजा लगा सकते है। औपचारिकता अब काफी पीछे छूट गई है। 

इस साल की राजनीतिक उठापठक के बीच जो सबसे ज्यादा अप्रत्याशित और अनौपचारिक घटना हुई जब मोदी जी रुस से अफगानिस्तान पहुंचे और उसके बाद सीधे पाकिस्तान। इस घटना को साधारण नहीं कहा जा सकता। इस वर्ष की इससे बड़ी अनौपचारिक और अप्रत्याशित घटना कुछ और नहीं हो सकती। विपक्ष इस घटना को लेकर सरकार के खिलाफ खड़ा हो गया है परन्तु अगर इन सब बातो को पीछे छोड़ दे । नेता वही होता है जो सकारात्मक पहल के साथ आगे आए। अगर नेता नए नजरिये और नई नीति के साथ नहीं आता तो वो नेता नहीं हो सकता क्योकि पग चिन्हो पर चलने वाले नेता नहीं होते।  नेता वही होता है जो अपने पग चिन्ह बनाता है। 

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Friday, 25 December 2015

मोदी और विदेश नीति



मोदी के सत्ता सँभालते ही ऐसा लग रहा है की हमारी ठहरी हुई विदेश नीति में एक अलग ही गति नजर आ रही है। जब भी प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर जाते है तो मीडिया के साथ साथ विपक्षी पार्टिया भी इस पर पूरी नजर बना के रखते है कही कोई चूक हो जाए प्रधानमंत्री जी से तो वह इसका राजनितिक मुद्दा बना सके लेकिन लगता है विपक्षी पार्टियो को कोई मुद्दा तो नहीं मिल रहा पर वह जिस धरातल पर मोदी जी को घेरने की कोशिश करती है और उसके लिए जो तर्कों का सहारा लेती है पर तो शायद वह खुद भी सहमत नहीं होते  होगे  परन्तु पार्टी पूजन के लिए विपक्ष राष्ट्र पूजन को त्याग देता है। 


मोदी जी रूस से 16 समझौते कर काबुल पहुंचे , यंहा उन्होंने भारत की मदद से बनने वाली संसद का उद्घाटन किया। इस संसद को बंनाने में 540 करोड़ रूपये खर्च किये गए। यह भारत और अफगानिस्तान के बीच में बढ़ती नजदिगी को दर्शाता है। भारत ने इसके साथ साथ अगानिस्तान को 4 एमआई  25 अटैक हेलीकाप्टर देने का फैसला लिया है। यह एक बड़ा कदम है और भारत अपने रणनीतिक भागीदारी के लिए एक सख्त कदम उठाने से डरने वाला नहीं है क्योकि पहले हम अफगानिस्तान को नॉन-लीथल हथियार देने के पक्ष में थे लेकिन इस सरकार ने ये एक कड़ा कदम लिया है। पाकिस्तान हमेशा से इसका विरोध करता आया है। 

अफगानिस्तान की संसद में अपने भाषण के दौरान उन्होंने पाकिस्तान पर भी तंज कसते हुए अफगानिस्तान के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।

अफगानिस्तान से आते हुए पाकिस्तान भी गए। यह सभी के लिए एक चौकाने वाला फैसला था। पक्ष क्या और विपक्ष क्या सभी इस सरप्राइजिंग डिप्लोमेसी से हैरान रह गए। दोनों देशो के बुद्धिजीवी अपना अपना पक्ष इस पर रख रहे थे तो कांग्रेस अब इस बात पर नाराज़ हो गई की वह पाकिस्तान क्यों चले गए ? उनके कुछ रोचक सवाल ये थे कि इसका क्या परिणाम निकलेगा ? प्रधानमंत्री जी ने इस विजिट के बारे में संसद में क्यों नहीं बताया ? अब मै अपने कांग्रेस के इस विद्वान व्यक्ति को कहना चाहता हूँ कि महात्मन ये डिप्लोमेसी है इसमें बताने से ज्यादा करने में यकीन होना चाहिए । आज कांग्रेस ने इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुझे इसका मतलब अबतक समज नहीं आया। 

आज विपक्ष केवल विरोध के नाम पर विरोध कर रहा है। मुद्दा विहीन लग रहा है विपक्ष। 

पाकिस्तान से आने के बाद मोदी जी सीधे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के घर गए और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।  

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हंसी आती है पाकिस्तान के न्यूज़ पर आये इस रक्षा के जानकार पर।




भारत हर दिन अपनी रक्षा तैयारी बढ़ा रहा है और इस के लिए वह नए हथियार भी खरीद रहा है लेकिन यंहा पर हमारे पडोसी देश पाकिस्तान के कुछ न्यूज़ चेंनेल पर रक्षा के विशेषज्ञ आते है और उनकी ज्ञान भरी बाते कभी गुस्सा दिलाती है तो कभी हंसी आती है। बौद्धिक रूप से दिवालिये ये रक्षा के जानकार भारत पर जंग करने का आरोप मढ़ते है ।
न्यूज़ चेंनेल पर आये इस मेहमान का नाम है अमजद शोएब और ये एक्स आर्मी मैन है लेकिन इसकी बाते सुनकर लगता है यह राह चलता हुआ आम आदमी जितना ज्ञान नहीं रखता है। इस महान आदमी की बात सुनकर लगता ही नहीं है के ये जानकार है। भारत पर जंग का जूनून होने का आरोप लगाने वाले इस महान आदमी को ये नहीं पता है कि इसके देश ने हम पर चार बार हमला किया है। बार बार हमसे हारने के बाद हमने इसे छोड़ दिया है। जब इसके 90 हज़ार सैनिक हमारे कब्जे में थे तो हम क्या नहीं कर सकते थे।  इसके साथ बल्कि पुरे पाकिस्तान पर तिरंगा लहरा सकते थे लेकिन ऐसा ना करके हमने अपने भारतीय होने का सबुत दिया। जब हम हमारी सेना पाकिस्तानी सेना को मारती हुई 1965 में लाहौर तक पहुँच गई थी वो भी ये भूल गया । हर बार हमने इन्हे छोड़ा और माफ़ किया । अगर पाकिस्तान को ऐसा मौका मिलता तो क्या वह ऐसा करता बिलकुल भी नहीं।

पाकिस्तान की जीडीपी 2014 - 2015 में $270.96 बिलियन डॉलर है और वह अपनी जीडीपी का 3% अपनी सेना पर खर्च करता है जबकि भारत की जीडीपी $2.182 ट्रिलियन डॉलर है 2014-2015 के अनुसार लेकिन भारत अपनी जीडीपी का 1.7% खर्च करता है। उसके बाद भी यह मूर्ख भारत पर आरोप लगा रहा है जंगी जूनून होने का।
भारत की संस्कृति रही है कि  इसने कभी किसी पर हमला  किया है। लेकिन हम ऐसे दोगले पड़ोसियों के बीच में रह रहे है कि हमे इसके लिए तैयार रहना पड़ेगा।       

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Thursday, 24 December 2015

प्रधानमत्री जी से भारतीय की अपील


प्यारे प्रधानमंत्री जी,

 मैं आपके कार्य और उस कार्य को करने की आपकी उर्जा, क्षमता, उत्सुकता और लगन के लिए आप को धन्यवाद देता हूँ। आप जिस तरह देश का नेतृत्व कर रहे हैं और भारत व भारतीयता को विश्वभर में बढ़ावा दे रहे है। मै उसके लिए भी आपका धन्यवाद करता हूँ। 
प्रधानमंत्री जी सभी भारतीयों को आपसे बहुत उम्मीदे है और उन सब में से मैं भी एक हूँ।  प्रधानमंत्री जी मैं यंहा आपका ध्यान एक विषय पर लाना चाहता हूँ वैसे आप जिस तरह भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत वह सराहनीय है। 

हाल ही में हमारे माननीय रक्षा मंत्री जी ने धन की कमी के चलते सेना की कुछ मांगों को मानने में असमर्थता जताई थी। हम यह समझ सकते है। हमे विकास करना है और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार भी करना है। लेकिन जब पाकिस्तान जैसा देश अपनी जीडीपी का तीन प्रतिशत रक्षा क्षेत्र पर खर्च कर सकता है तो हम क्यों नहीं ? टाइम्स ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र के मुताबिक इस साल हमने अपनी जीडीपी का 1.7% खर्च किया है। मैं आपसे आशा करता हूँ कि आप इसमें बढोतरी करेंगे। 

मेरा सुझाव:

 हमारी सेना को किसी भी कारण से आधुनिक हथियारों और उपकरणों की कमी न हो इसलिए आप से निवेदन है कि भारत साल में 26 जनवरी और 15 अगस्त से एक सप्ताह पहले “ भारत रक्षा" पर्व मनाए।  इस पर्व के दौरान देश की जनता को एक बैंक अकाउंट उपलब्ध कराया जाए और देश की जनता से आप अपील करें कि वे दस रूपये से लेकर यथाशक्ति अकाउंट में पैसे जमा कराएं। ताकि उस जमा धन को सेना के आधुनिकरण और शोध-अनुसंधान पर खर्च किया जा सके। जब कभी सेना को धन की अावश्यकता पड़े इन दो अवसरों पर देश से सेना के लिए अपना सहयोग देने अपील की जाए। मै विशवास के साथ कह सकता हूँ। भारत की जनता सेना को कभी धन की कमी कभी नहीं होने देगी। जो लोग सीमा पर जाकर लड़ नहीं सकते। उन लोगो के मन में भी देश के लिए कुछ न कुछ करने का सपना होता है। अगर वह "भारत रक्षा" पर्व का हिस्सा बनेंगे तो उनमें भी आत्म संतुष्टि का भाव पैदा होगा कि उन्होंने भी देश की रक्षा में कुछ योगदान दिया है। इसलिए आप से पुनः निवेदन है कि इस सुझाव पर विचार करें और इसे अमल में लाएं।

धन्यवाद प्रधानमंत्री जी । 
रवि प्रताप सिंह । 

मोदी जी का रुस दौरा।



भारतीय प्रधानमंत्री मोदी जी अपने दो दिनो के रुस दौरे पर गये है। यह दोनों देशो के बीच में 16वी  भारत-रूस सालाना शिखर वार्ता है जो वर्ष 2000 से बारी-बारी  कभी मास्को में तो कभी दिल्ली में होती है। इस बार यह मास्को में हो रही है। यह वार्ता काफी अहम है क्योकि रूस पश्चमी देशो के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और वह अपनी आर्थिक स्तिथि को सुधारना चाहता है उसी तरह से भारत अपनी रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूस का सहयोग चाहिए। इस तरह से दोनों देश एक दूसरे की मदद कर सकते है। 

पिछले एक दशक से भारत और रूस के रिश्ते में ठराव आ गया था लेकिन मोदी ही के इस दौरे से दोनों देशो के बीच एक बार फिर गर्मजोशी देखने को मिलेगी। रूस भारत का हमेशा से ही रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा सहयोगी रहा है लेकिन बीच में अमेरिका, इसराइल और फ्रांस से भी भारत ने अपने रक्षा सहयोग को बढ़ाया है। इस वजह से रूस कही पिछड़ता दिख रहा था। एक न्यूज़ चेंनेल के मुताबिक अमेरिका से हमने 2.6 $ अरब डॉलर का, जबकि रशिया से 2.1 $ अरब डालर का रक्षा समझोते किये है। इस तरह रूस खिसक कर दुसरे पायदान पर आ गया। 

भारत को इस दौरे से क्या-क्या मिल सकता है ?


 आईये देखते है। भारत को रक्षा के क्षेत्र S-400 ट्रायम्फ, पेचोरा मिसाइल, अत्याधुनिक यासेन क्लास की पनडुब्बी, 4 फ्रिगेट जो भारत में बनेगे रिलायंस और रुसी कंपनी के गठजोड़ से, यह पहले ऐसे फ्रिगेट होंगे जो कोई प्राइवेट कंपनी बनाएगी भारत में, PAK T50 एयर क्राफ्ट जो पांचवी पीढ़ी का अत्यंत आधुनिक विमान है। इसकी टेक्नोलॉजी भी रूस भारत को देने के लिए तैयार है। रूस मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत में ही रक्षा उपकरण भारत के साथ मिल कर बनाने के लिए तैयार है। 400 कमोव केए 226टी सौदा होने की भी सम्भावना है। जिसमे 200 भारत में ही बनेगे। यह मल्टी रोल हेलीकाप्टर है जो राहत और बचाव कार्य में भी इस्तेमाल कर सकते है। इसका इस्तेमाल एम्बुलेंस के तौर पर भी किया जा सकता है। 


उर्जा के क्षेत्र में भी भारत और रूस के बीच में समझोता होगा। 12 न्यूक्लियर प्लांट रशिया भारत में लगेगा जिसमे आंद्रप्रदेश और कुडकुलम शामिल है। 

मोदी जी ने इस दौरे से मोदी जी ने इस दौरे से दो महाशक्तियो के बीच में संतुलन पैदा करने की कोशिश भी की है। काफी वर्षो से लग रहा था की भारत अमेरिका की तरफ झुक रहा है इसलिए भारत ने अपने पुराने मित्र के साथ ये रक्षा समझोते करने पर दूरियों को मिटने में सफलता हासिल कर लेगा। दूसरी तरफ रशिया का पाक के साथ रक्षा सहयोग भी बढ़ रहा है उसे रोकने में भी मदद मिलेगी। 

Friday, 18 December 2015

केजरीवाल अपनी चाल में कामयाब ?


आप सभी सोच रहे होगे कोनसी चाल है। जिसमे केजरीवाल कामयाब हो गए है तो मै आपको बताना चाहता हूँ। कुछ दिन पहले सीबीआई ने केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के ऑफिस में छापा मारा, जिसपर केजरीवाल ऐसे तिलमिलाए जैसे उनकी किसी दुखती रग पर पाँव रखा गया हो। वह ऐसे बौखलाए कि अपनी वाणी का सयंम भी खो बैठे। प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय एजेंसी तक के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया। 

राजेन्द्र पर यह चार्जेस बीजेपी की सरकार आने से पहले ही दिल्ली डायलॉग कमीशन के वरिष्ठ सदस्य आशीष जोशी ने गंभीर आरोप लगाए थे और इसकी शिकायत एसीबी (एंटी करप्शनन ब्यूरो) से की, बाद में एंटी करप्शन ब्यरो ने इसे सीबीआई को सौप  दिया। सीबीआई जब किसी की जाँच करती है तो वह जाँच करने वाले को बता कर जाँच नहीं करती है और जहाँ तक सवाल है केजरीवाल जी को बताने का तो इसके बारे में ट्रांसपरेन्सी इंटरनेशनल ने केजरीवाल जी को 27 मई 2015 को पत्र लिखकर इसकी जानकारी थी । तब उन्होंने इसके बारे में कार्यवाही क्यों नहीं की ? ये एक सवाल है जो हर वह व्यक्ति पूछना चाहता है। हमेशा ईमानदारी का झंडा बुलंद करने वाले और अपने आपको ईमानदारी का नायक कहने वाले अब अपनी विश्वसनीयता खोते जा रहे है। 

केजरीवाल खुद को या तो बहुत बुद्धिमान समझ रहे है या जनता को मुर्ख। बात बात पर धरने पर बैठना जनता ने अब छुड़वा दिया है। अब केजरीवाल को समझना होगा की बात बात पर ये जो प्रेस कॉन्फ्रेंस का खेल वो खेलते है और किसी को बैइमान होने का सर्टिफिकेट बाटना कर देते है वो ज्यादा दिन नहीं चलने वाला। अगर आपके पास सबूत थे तो कोर्ट क्यों  आप ? शीला दीक्षित के खिलाफ भी ऐसे बहुत सबूत बहुत दिखाए आपने पर सत्ता में आने के बाद क्या किया कुछ नहीं । कितनी बार अपने ब्यानो से पलटे है, पूरा देश जानता है। 

केजरीवाल जी अपनी चाल में कामयाब हो गए है अब प्राइम टाइम में और अन्य टीवी  डिबेट इस बात पर नहीं हो रही कि अगर सचिव को सीबीआई ने पूछ  ताछ के लिए छापा मारा तो क्या गलत है? ऐसा पहली बार नहीं  हुआ है। वसुन्दरा राजे की राजस्थान में सरकार थी और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब उनके प्रधान सचिव पर छापा मारा  था तब  इतना हंगामा नहीं हुआ था। पंजाब में  सरकार पर भी सीबीआई ने ऐसा ही छापा मारा था तब भी केंद्र में कांग्रेस के सरकार थी। 

आज कांग्रेस और आप पार्टी इस मुद्दे पर इतना जो हल्ला  मचा रही है तब कहा थी ? इसलिए केजरीवाल जी मुद्दा भटकाने में पूरी तरह से सफल हो गए। 

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भारत खरीदेगा S-400 ट्रायम्फ, जो बनाएगा भारतीय वायु सीमा को अभेद्य ।



भारत दिन ब दिन नए नए हथियारों को अपने तरकश में शामिल करता जा रहा है। नई  सरकार के आने के बाद भारत अपनी थल सेना, वायु सेना और समुद्री सेना के जखीरे को नए और आधुनिक हथियारों को भरने में लगा हुआ है। जो आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। 
अब भारत एक ऐसा ही नया हथियार अपनी सेना में शामिल करने जा रहा है जो अत्याधुनिक है, घातक है, और अचूक है। इस हथियार का नाम है S-400 ट्रायम्फ यह रूस में बना अत्याधुनिक हथियार है जो भारत वायु सीमा को अभेद्य बना देगा है जो किसी भी हवाई खतरे को पल भर में ही भाप कर ख़त्म कर देगा है। 


S-400 की विशेषताए:- 

यह रूस में बना हथियार है जो S-300 का ही आधुनिक वर्जन है। इसका बेस मोबाइल लांचर है जिसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। इसमें तीन तरह की मिसाइल होती है जो हवा में आने वाले किसी भी खतरे को भांप कर 6 सेकण्ड्स में लॉच के लिए तैयार हो जाती है। यह विमान, मिसाइल, ड्रोन किसी भी हमले को रोकने में सक्षम है। इसकी डिटेक्शन क्षमता 600 किलोमीटर है और 400 किलोमीटर के रेंज में यह हमला करने की काबिलियत रखता है। 
इसके अंदर तीन तरह की मिसाइल होती है। पहली मिसाइल है 40N6 । इसकी मारक  क्षमता है 400 किलोमीटर और आकाश में 185 किलोमीटर की उचाई तक जा सकती है। इसकी गति 17000 किलोमीटर प्रति घंटा है। 
दूसरी मिसाइल है 48N6। यह 250 किलोमीटर तक आने वाले किसी भी खतरे से निपट सकती है। 
तीसरी मिसाइल है 9M96E2, यह 120 किलोमीटर में आने वाले किसी भी खतरे को ख़त्म कर सकती है। 
S-400 एक साथ 80 टारगेट को एंगेज कर सकती है। इस सिस्टम की लाइफ 20 साल है। 

40000 करोड़ में भारत इस तरह के 5 सिस्टम खरीदने की दिशा में आगे बढ़ चूका है और जब हमारे देश के प्रधानमंत्री 22-23  दिसम्बर में रूस जाए गए तब इस पर मोहर लग सकती है। इसके साथ ही भारत ऐसी 6000 मिसाइल भी खरीदेगा। 

जब रूस से इस सिस्टम को लेने के लिए फ्रांस ने कहा तो उसने उसे इंकार कर दिया था । चीन भी इसे लेने के लिए रूस से बात कर रहा है।       

Thursday, 17 December 2015

अमेरिका पाकिस्तान की मदद बंद करे

  

अब अमेरिका में भी पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठने लगी है। इसी साल जनवरी 2015 भी पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद की समीक्षा की बात उठ चुकी है। इस बात को उठाने वाले एड रॉयस यूनाइटेड स्टेट हाउस ऑफ़ फॉरेन अफेयर्स के चेयरमैन है इसलिए यह बात और भी महत्वपूर्ण हो जाती है और ऐसा भी नहीं है कि वह अकेले है जो पाकिस्तान के इस रवैये से परेशान है। पाकिस्तान के इस रवैये की चिंता अमेरिका की दोनों डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक पार्टी ने जाहिर की है।
एड रॉयस रिपब्लिक पार्टी के सांसद और यूनाइटेड स्टेट हाउस ऑफ़ फॉरेन अफेयर्स के चेयरमैन भी है। उनका कहना है कि पाकिस्तान जिस तरह से अपना परमाणु जखीरा बढ़ा रहा है जल्द ही वह दुनिया का तीसरा परमाणु शक्ति सम्पन्न देश बन जाएगा।     
आगे वह कहते है कि  पाकिस्तान वह देश जो अपने बजट का 5% हथियारों पर और शिक्षा पर 2.5% खर्च करता है। 

अमेरिका की दोनों पार्टी के सदस्य ने पाकिस्तान की जमकर आलोचना की और उसे दी जाने वाली सहायता पर चिंता जाहिर की है। अभी तक पाकिस्तान को 30 $ बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद पाकिस्तान को दे चूका है। यह मदद वह 11 सितम्बर 2001 से दी जा रही है लेकिन यह सभी जानते है इस आर्थिक मदद का इस्तेमाल वह आतंक को भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। 
 
एड रॉयस आगे पाक्सितान को खरी खरी सुनाते हुए कहते है कि सेन बर्नार्डिनो में तफ्शीन मलिक ने 14 लोगो की हत्या कर दी। वह पाकिस्तान के एक मदरसे में बढ़ी लिखी थी जो नफरत फैलाता है। 
एड रॉयस कहते है पाकिस्तान में नफरत और घृणा का की व्यवस्था है । हज़ारो मदरसे खाड़ी  देशो के पैसे से चलते है जो घृणा सिखाते है। ये जिहादी पैदा करते है। मैंने पाकिस्तान की तीन बार यात्रा की है और उन्हें मदरसे रजिस्टर ही करने चाहिए और जो नफरत फैलाते है।  उन्हें बंद कर देना चाहिए।

पादहस्तासन करता है, कमर ओर पेट के रोग दूर



आज हम पादहस्तासन की बात करेंगे, यह हमे कमर और पेट के रोगो को दूर रखने में सहायता करता है। आजकल हमारी जीवन शैली  ऐसी हो गई है कि स्वस्थ रहने की चाह तो है लेकिन समय का आभाव हमे इसकी इजाजत नहीं देता। लेकिन पांच मिनट का यह आसान आपको पेट की बिमारी में किस प्रकार मदद करता है, यह अनुभव की बात है।

करने की विधि :-

  1. सीधे खड़े होकर साँस अंदर भरते हुए हाथो को ऊपर उठाए। 
  2. अब धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए नीचे झुके। 
  3. दोनों हाथ हमारे पैरो के बराबर रखने का कोशिश करे। प्रारम्भ में थोड़ी मुश्किल होगी परन्तु थोड़े दिनों के अभ्यास से ये सम्भव हो जाएगा। 
  4. आखरी और अंतिम स्तिथि में  अपना सर पैरो पर लगाने की कोशिश करेंगे। इसी स्तिथि में हम कुछ देर रहेंगे जब तक आप अपने को सहज महसुस कर रहे है। उसके बाद धीरे धीरे अपनी सामान्य स्तिथि में लौट जाएगे।   

अगर नहीं भी लगता है तो कोई बात नहीं कुछ दिनों के अभ्यास के बाद लग।  

लाभ:-

  1. यह आपके रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और उससे संबधित बीमारियो को भी आपसे दूर रखता है । 
  2. यह आपको पेट के रोगो से भी दूर रखने में सहायक है। आपकी पाचन क्रिया को तेज कर देता है। 
  3. यह आपके शरीर पर और उसके अंगो की मांशपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। जिससे कद बढ़ने में भी सहायक है। 
  4. यह आपके पेट पर मौजूद अतिरिक्त मोटापे को भी हटाता है। 
  5. यह आपके मष्तिष्क में रक्त प्रवाह को भी बढ़ा देता है। जिससे आपकी याददास्त भी अच्छी हो जाती है। 
  6. यह आपके नाड़ीतंत्र ( nervous system) को भी मजबूत बनाता है। 

Wednesday, 16 December 2015

कौन है केजरीवाल के ऑफिसर राजेद्र कुमार।

                                                      


कल सीबीआई ने दिल्ली मुख्यमंत्री के  प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के सचिवालय और उनके घर पर छापा मारा और जो उनसे सम्बंधित 14 जगह थी उन पर भी जिसमे 2.5 लाख भारतीय रूपये और तीन लाख अन्य विदेशी करेंसी मिली, तीन अन्य जगह अचल सम्पत्ति भी मिली तथा अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए। सीबीआई राजेद्र कुमार से उनका ईमेल का पासवर्ड पूछ रही है जिसमे वह सहयोग नहीं कर रहे थे। इसके बाद सीबीआई उन्हें तथा उनकी पत्नी को सीबीआई ऑफिस पूछ-ताछ के लिए ले गई। पूछ-ताछ के बाद वह अपने घर जाने के स्थान पर सीदे दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर गए और वंहा उनकी लगभग 1.5 घंटे बातचीत हुई। ये पूरा घटनाक्रम हुआ कल। इसमें केजरीवाल ने अपने ट्वीट के माध्यम से तथा सार्वजानिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी के लिए आपत्ति जनक शब्दों का इस्तेमाल किया। ये सब तो कल का घटना क्रम था।


कौन है राजेन्द्र कुमार ? 

राजेन्द्र कुमार 1989 बैच के अफसर है। वह केजरीवाल की ही तरह आईआईटी दिल्ली के छात्र रह चुके है। वह केजरीवाल की सरकार में फरवरी 2015 में प्रधान सचिव नियुक्त किये गए थे। वह केजरीवाल की पिछली सरकार में भी सचिव के तौर पर काम कर चुके है। 
उन पर आरोप वरिष्ट अफसर आशीष जोशी ने लगाया था कि वह सचिव रहते हुए कई विभाग में रह चुके है और उन विभाग में रहकर उन्होंने बिना टेंडर निकाले अपनी चहेती कम्पनियों को टेंडर दे दिए और बाद में अपनी एक कम्पनी खड़ी की और उसे भी बिना टेंडर निकले सारे विभाग के काम दे दिए। जिससे दिल्ली सरकार के राजस्व को काफी हानि पहुची । 
राजेद्र कुमार शिक्षा निदेशक (2002 से लेकर 2005) के पद पर रह चुके है उसके बाद वह आईआईटी व स्वास्थ्य विभाग के सचिव के तौर पर भी काम कर चुके है। आरोप है की उन्होंने एंडेवर सिस्टम्स प्रा.लि. नाम की कम्पनी बनाई। वह 2007 में दिल्ली के आईआईटी सचिव के पद पर बैठे और पद का लाभ उठाते हुए अपनी कम्पनी को पब्लिक सेक्टर यूनिट (पीअसयु) कंपनी आईसीअसआईएल  के साथ जोड़ दिया।  
इसके बाद इनकी कंपनी बिना टेंडर के सरकारी विभागों की कम्पनी के साथ काम कर सकती थी। 

आशीष जोशी ने इन सब गड़बड़ियो की शिकायत दिल्ली की एसिबी से करी बाद में एसिबी ने यह मामला सीबीआई को सौप दिया। उसके बाद का घटनाक्रम का विवरण ऊपर दिया जा चुका है। 

लेकिन यंहा आप पार्टी के मुखिया सीबीआई की इस कार्यवाही को अपना अपमान समझ रही है। कल तक ईमानदारी का झंडा लेकर आगे चलने वाले केजरीवाल अपने एक अफसर के ऊपर लगे आरोप पर तिलमिला गए है। यह भूल गए की जब तक वह सत्ता में नहीं आये थे तो हर दिन लोगो पर बैठ कर आरोप लगा ते थे। 

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Tuesday, 15 December 2015

वस्तु व् सेवा कर (GST) पास ना होने से देश को होगा 9 लाख करोड़ का नुकसान।




 संसद का पिछला सत्र और अब यह शीतकालीन अत्र राजनीती की भेट चढ़ने जा रहा है। पिछले सत्र में भी  अहम बिल संसद में शोर गुल की भेट चढ़ गए थे और लगता है इस बार भी ऐसा ही होगा। सरकार की कोशिश  के बावजूद विपक्ष संसद ना चलने के अपने अघोषित लड़ाई में जीत के करीब है खास कर कांग्रेस शोर गुल मचाने  में और संसद नहीं चलने में अव्वल है। 


कांग्रेस विरोध कर रही है और संसद चल नहीं रही है। विरोध क्यों कर रही है शायद वह खुद भी नहीं जानती पर किसके  फायदे के लिए कर रही है ये उसे भलीभांति पता हैं। एक बात तो साफ़ हो चुकी है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टी बीजेपी से डरी  हुई  है। भले ही वह इस बात को नकारते रहे। विपक्ष का यह फ़र्ज़ है कि  वह सरकार पर अंकुश लगा के रखे और उसकी नीतियों की समीक्षा करे और हर वह मुद्दा उठाए जो देश और जनता के विरुद्ध हो लेकिन विपक्ष यंहा केवल विरोध के नाम पर विरोध कर रहा है। 

कांग्रेस संसद ना चलने देने की जिम्मेदार है वह असमंजस की स्तिथि में दिख रही है। नेशनल हेराल्ड केस में पहले वह संसद को चलने नहीं देती और मोदी सरकार पर हिटलर बनने का आरोप लगाती है लेकिन जब देखती है कि  जनता में इसका गलत सन्देश जा रहा है तो वह दूसरे मुद्दे को आगे कर देती है। पहली बार किसी विपक्ष को विरोध के लिए आधारहीन मुद्दे को आधार बनाते हुए देश देख रहा है। कांग्रेस बौद्धिक रूप से दिवालिये पन का शिकार हो गई है। 

अगर वास्तु व सेवा कर इस सत्र में पास नही होता तो एक अखबार की खबर के मुताबिक देश को इससे  9 लाख करोड़ रूपये का नुक्सान उठाना पड़ेगा और साथ ही साथ भारत की और विश्वास की नजर से देख रहे पुरे विश्व के निवेशकों को भारी  निराशा हाथ लगेगी और हमारी सकल घरेलु उत्पाद की दर 1.5% से 2% जो बढ़ सकती थी उसे भी झटका लगेग। इससे सबसे ज्यादा लाभ भारत के लोगो का होगा। 

इसलिए कांग्रेस पार्टी को चाहिए कि  वह देश हित  में अपनी संसद ना चलने देने की नीति का त्याग करे। वस्तु  व् सेवा कर( GST) बिल अगर पास नहीं होगा तो चीज़े सस्ती भी नहीं होगी। इससे अंत में देश की जनता को ही हानि उठानी पड़ेगी।    

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Monday, 14 December 2015

भारत और जापान के बीच 16 समझौते।




भारत और जापान के बीच 16 समझोते हुए जो इन दोनो देशो के बढ़ते आपसी रिश्ते दर्शा रहे है। आइये इन समझौतों पर एक नजर डालते है।

  1. दोनों देशो ने शांतिपूर्ण उपयोग के लिए परमाणु शक्ति के इस्तेमाल के लिए समझोता किया है। दोनों देशो ने ये भरोशा  दिया है कि वे इस समझोते के अंतिम चरण में है। 
  2. दूसरा समझोता दोनो देशो के बीच बुलैट  ट्रेन के लिए हुआ है। जापान इसमें भारत को बुलेट ट्रेन  के लिए आर्थिक और तकनिकी मदद करेगा । 
  3. दोनों देसो के बीच रक्षा और सैन्य उत्पादों के लिए भी समझोता हुआ है। यह समझोता दोनों देशो के बीच रक्षा के ढांचा गत विकास को बनाने में मदद करेगा और दोनों देश एक दूसरे को तकनीक मुहैया कराऐगे। संयुक्त रक्षा उत्पादन में भी सहयोग करेगे। 
  4. दोनों देश एक दूसरे को गोपनीय सैन्य सचनाए देंगे। इस समझोते से दोनों देशो को बाहरी  रक्षा चुनोतियो से निपटने में मदद मिलेगि।
  5. दोनों देशो के बीच कर सम्बन्धी समझौता भी हुआ जो डबल टैक्सेशन के बचाव से सम्बंधित है।
  6. दोनों देशो के बीच  मसौदे भी तैयार किया जिसमे भारतीय रेलवे और जापान की रेलवे के  बीच समझौता  हुआ जिसमे दोनों देश एक दूसरे को रेलवे तकनीक, एक दूसरे को सूचनाओ का आदान-प्रदान, एक दूसरे के कर्मचारियों का आना जाना, एक दूसरे के इंस्टिट्यूट के बेहतरी के लिए काम करना, संयुक्त शोध और पढाई की तरफ काम करना। 
  7. दोनों देशो के बीच तकनीकी सहयोग के लिए समझोता हुआ। जिसमे भारत की  रिसर्च एंड स्टैण्डर्ड ऑर्गनाइज़ेसन (RDSO) और जापान की रेलवे रिसर्च टेक्निकल इंस्टिट्यूट (JRTRI) के बीच  सहमति बानी है। जिसमे दोनों देश ट्रेन की सुरक्षा , उसके रखरखाव , पर्यावरण के अनुकूल तकनीक में सहयोग करेंगे। 
  8. दोनों देशो के बीच रणनीतिक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए भी सहमति बनी है। भारत की विज्ञान और तकनिकी विभाग (डीएसटी) और जापान की विज्ञान और तकनिकी संस्था के बीच सहयोग बढ़ाने का भी काम हुआ है। जिसमे दोनों देश मिलकर संयुक्त शोध कार्यकर्मो, संयुक्त शोधशालाओ, संयुक्त सेमिनोरो का आयोजन करेंगे। 
  9. दोनों देशो के संस्था भारत की विज्ञान और तकनिकी विभाग (डीएसटी) और जापान की विज्ञान प्रोत्साहन संस्था के बीच समझोता हुआ है जिसमे दोनों देशो के युवा एक दूसरे के संस्थान जाकर रिसर्च कर सकेंगे।  
  10. भारत के सेंट्रल ड्रग स्टैण्डर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन और जापान की मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ, लेबर , एंड वेलफेयर के बीच भी समझौता  हुआ है।
  11.  दोनों देशो के बीच साइंस और एजुकेशन में भी समझौता  हुआ है। भारत के हयूमन रिसोर्स डेवलपमेंट और जापान के मिनस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन, कल्चर, स्पोर्ट्स, साइंस एंड टेक्नोलॉजी के बीच हुआ है। यह दोनों देशो के संस्थाओ के बीच सम्बन्धो को प्रोत्साहन देगा और दोनों देशो के शैक्षिणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाएगा ओर साथ  ही भारत और जापान के विद्यार्थियों की एक दूसरे के देशो में सहायता देगा। 
  12. भारत के नीति आयोग और जापान के इंस्टिट्यूट ऑफ़ एनर्जी एकनॉमिक्स, जापान (IEEJ) बीच भी समझौता  हुआ । जिससे दोनों देशो को ऊर्जा सम्बन्धी विषयो को समझने और विश्लेषण करने में मदद मिलेगी पूरी दुनिया में। 
  13. भारत के मध्यप्रदेश और जापान के टयोमा प्रान्त के बीच में भी समझोता हुआ है जो दोनों प्रांतो के सम्बन्धो को मजबूत बनाएगा और मध्यप्रदेश और टयोमा की सरकार उद्योगो को, इंस्टिट्योटो को मदद देंगी। 
  14.  भारत के केरल राज्य और जापान के सनीन राज्य के बीच भी समझौता हुआ है और दोनों देशो की सरकार इस बात पर सहमत है की वह व्यापार, निवेश, आर्थिक सम्बधो और व्यापार क्षेत्र में और खास कर छोटे और मद्यम व्यापार को बढ़ावा और सहयोग देंगे।
  15. भारत के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट- अहमदाबाद और जापान के नेशनल ग्रेजुएटफॉर पालिसी स्टडीज (ग्रिप्स) के बीच सहयोग हुआ है। यह समझौता दोनों इंस्टीट्यूट के भींच भागीदारी बढ़ेगी और एक दूसरे के वातावरण को बेहतर बनाएगे। 
  16. जापान और भारत के एन्वायरमेंट मिस्निस्ट्री के बीच भी समझौता  हुआ है जो बढ़ावा देगा सहयोग को। 

Saturday, 12 December 2015

अब चलेगी भारत में बुलेट ट्रेन





जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे शुक्रवार को अपने तीन दिन के भारत दौरे पर आये है। इस यात्रा के दौरान जापानी प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ बनारस भी जाए गे  और वंहा भारतीय प्रधनमंत्री के साथ गंगा आरती करेंगे। यह भारत और जापान के बढ़ते सहयोग को दर्शाता है। इस सहयोग का सबसे बड़ा उदहारण है। जापान का भारत में बुलेट ट्रेन चलाना। जापान ने भारत में बुलेट ट्रेन  के लिए भारत को 98 हज़ार करोड़ का लोन दिया है। 50 साल के लिए 0.5% के ब्याज पर। इसमें सबसे महत्वपूर्ण  बात यह है कि  इतनी बड़ी दानराशि जापान अगर किसीको देता है तो वह केवल 30 साल के लिए देता है और उसका ब्याज होता है 1.5% , तो आप इस बात से अंदाजा लगा सकते है कि  भारत और जापान के रिश्ते किस कदर प्रघाढ़ हो रहे है। 
यह रेल लाइन मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ेगी जो एक दूसरे से 527 किलोमीटर दूर है। बुलेट ट्रेन चलने के बाद यह सफर केवल दो घंटे में ही पूरा कर लिया जाएगा। इससे भारत में बुलेट ट्रेन  का आगाज़ हो जाएगा। 

बुलेट ट्रेन से कई छोटी इकाइया भारत में खुलेगी जो भारत में रोजगार के नए अफसर पैदा करेगी। 
शिंजो अबे ने कहा "एक मजबूत भारत जापान के लिए अच्छा है और एक मजबूत जापान भारत के लिए अच्छा है"। 

ये सवाद ही भारत और जापान के रिश्ते की गहराइयो को दर्शा रहे है।  

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Thursday, 10 December 2015

कांग्रेस का संसद में बेवजह विरोध।


पिछले दो दिन से कांग्रेस संसद में विरोध प्रदर्शन कर रही है सरकार का उसकी नीतियों का और नियत का।  अच्छी बात है जब कोई अपना पक्ष रखे ओर  दूसरा पक्ष उसे सुने या सुनने के लिए मजबूर हो इसे ही लोकतंत्र कहते है। यह लोकतंत्र की ही विशेषता है जहां  आपको अपने से विपरीत विचार को सुनना भी पड़ेगा और समझना भी। 

कांग्रेस संसद में विरोध कर रही है लेकिन वह अपने विरोधियो और सहयोगियों को ये बताने में विफल रही की वह विरोध क्यों कर रही है ?  संसदीय कार्यमंत्री के बार बार आग्रह पर भी वह साफ़ तर्क रखने में सफल नहीं हुई। वह सरकार पर बदले की कार्यवाही का आरोप लगा रही है। विरोध प्रदर्शन का दौर संसद में तब से ज्यादा बढ़ गया। जब से अदालत ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अदालत में समन किया है और उनकी बेल की अर्जी खारिज कर दी। 

अभी कुछ दिन पहले सरकार को नसीहत देते हुए कांग्रेस के मलिकार्जुन खड़गे जी सरकार को सवैधानिक संस्थओं के सम्मान की बात की थी। परन्तु उसका पालन करना खुद ही भूल गए। 


क्यों विरोध कर रही है कांग्रेस संसद में ?

कांग्रेस संसद में सरकार का विरोध इस लिए कर रही है कि  वह जनता तक यह सन्देश देना चाहती है की सोनिया जी और राहुल जी पर जो यह केस चल रहा है।  वह बीजेपी की बदले की भावना है लेकिन वह न तो इसका तर्कों से संसद में जवाब दे पा रही है और नहीं ही अदालत में। एक बात यंहा यह स्पष्ट करना जरुरी है कि सरकार यह केस अदालत में नहीं लड़ रही है लेकिन 1% मान ले की यह बीजेपी कर रही है तो यह उसका सवैधानिक हक़ है। जिसकी वकालत कांग्रेस कर रही थी। कांग्रेस को थोड़ी सहिस्णुता दिखानी चाहिए। 
जब मामला कोर्ट में है तो इसमें सरकार भी कुछ नहीं कर सकती और आप अपना पक्ष अदालत में रखे, अगर उसके बाद भी आपकी याचिका ख़ारिज हो जाती है तो उसका इल्जाम सरकार पर लगा कर संसद को बाधित नहीं कर सकते। 

एक अनुमान के मुताबिक 1 मिनट संसद का खर्च 2.5  लाख आता है तो 1 घंटे का खर्च होगा 1.5 करोड़  तो आप अंदाजा लगा सकते है कि ये लोग हमारी कमाई का कितना सही उपयोग कर रहे है। संसद में 67 बिल अभी पेंडिंग है। जिसमे लोक सभा में 8 बिल और राजयसभा में 59 बिल अभी पेडिंग है।   

Wednesday, 9 December 2015

मुस्लिमो को अमेरिका में प्रवेश की पूरी तरह से पाबंदी हो : डोनाल्ड ट्रम्प






अमेरिका में नवम्बर 2016 में प्रेसिडेंट के चुनाव होने है। उसी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बयान दिया कि सभी मुस्लिमो को अमेरिका में आने पर पाबंदी लगा देनी चाहिए। इसका खंडन सबसे पहले व्हाइट हाउस ने कर दिया। अन्य ने भी इस कथन की आलोचना की,


लेकिन यंहा यह ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी ने भी इस पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प को साम्प्रदायिक नहीं कहा।  डोनाल्ड ट्रम्प ने खुल कर बिना किसी लाग लपेट के ये सब कहा।  उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 25% मुस्लिमो का मानना है कि अमेरिका ओर अमेरिका के लोगो के साथ हिंसा करना न्यायोचिंत है और उन्होंने आगे कहा कि ऐसी 1% मानसिकता वालो को भी हम बर्दास्त नहीं कर सकते क्योकि  हमारे पास ओर कोइ रास्ता नहीं है।
इतना खुलकर और साफ शब्दों के इस्तेमाल के बाद भी, किसी ने भी उन्हें साप्रदायिक नहीं कहा, ना तो अमेरिका में और नहीं हिंदुस्तान में, जो इस्लाम के ठेकेदार है।  वाइट हाउस ने इसे गैर-अमेरिकी विचार कहा है, जो अमेरिका के मूल्यों के विरुद्ध है। गौर करने वाली बात यह है की ये नहीं कहा की यह  साप्रदायिक है।

जो मुस्लिमो के नेता है हिन्दुस्तान में, उन्होंने भी इसे साम्प्रदायिक नहीं कहा।  डॉनल्ड् ट्रम्प खुले आम इस बात को कहा है, अगर ऐसा कोई हिन्दुस्तान में बोल दे तो "साप्रदायिकता" कहने वालो की बाढ़ आ जाती है।

 अमेरिका की कुल जनसँख्या 31 करोड़ है। जिनमे 66 लाख मुस्लिम है लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प की इस बात पर आलोचना भले ही की गई हो  परन्तु किसी ने भी इसे साप्रदायिक नहीं कहा।  ये वंहा की राजनिति का स्तर है। हमे उनसे सीखना चाहिए।

हमारे देश में अगर किसी को फ्लैट ना मिले तो लोग इस छोटी घटना को भी प्राइम टाइम की डिबेट बना देते है।  बड़े-बड़े लेक्चर होते है पर जब घटना झूटी निकलती है तो कोई सामने नहीं आता।


24 सीहॉक हेलिकोप्टर बनाएगे भारतीय नौसेना को अजेय।



हमारे देश के रक्षा मंत्री मनोहर पारिकर अमेरिका जाने वाले है और इसके साथ ही हम उस डील को भी अंतिम स्तर तक लाने में कामयाब होंगे जो 2008 से शुरू हुई थी। यह 2008 के बाद पहला अमेरिकी दौरा होगा किसी भारतीय रक्षा मंत्री का। जिसमे हमने अपने पुराने पड़ते सी किंग हेलीकाप्टर को सेवा निर्वेत करने से पहले, अपने हवाई बेड़े में शामिल करना चाहता है। दुनिया के सबसे बेहतरीन हेलिकोप्तेरो में से एक सी-हॉक एस-70 बी, जिसे दुनिया के बड़े देश अपनी नौसेना में इस्तेमाल कर रहे है। 
अगर यह सोदा अपना अंतिम रूप ले लेता है तो "मेक इन इंडिया" कार्यकर्म के तहत इनका प्रोडक्शन भारत में होने लगेगा। बोइंग और लॉकहीड मार्टिन भी "मेक इन इंडिया" कार्यक्रम के तहत आपचे हेलीकाप्टर और ऍफ़-16, ऍफ़-18 का भारत में उत्पादन का प्रस्ताव रख चुके है। 

एक नजर इस हेलीकाप्टर की विशेषताओ पर:-

यह दो इंजनो वाला ताकतवर हेलीकाप्टर है, जो विभिन्न भूमिकाओ को निभा सकता है। यह एंटी-सबमरीन मिशन, एंटी-सरफेस वार, बचाव और राहत कार्य मे ओर भी दूसरी भूमिकाओ को बखूबी निभा सकता है। इसकी रफ़्तार है 270 किलोमीटर/घंटा और ये अधिकतम 15000 हजार फीट पर आसानी से जा सकता है।
अभी इसका इस्तेमाल दुनिया के बड़े देशो की नौसेनाए कर रही है जैसे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, जापान आदि।   




Tuesday, 8 December 2015

आज है भारत का सबमरीन डे।



8 दिसम्बर 1967 को भारत ने अपनी पहली सबमरीन आईएनएस कावेरी S(23) भारतीय नौसेना में शामिल की थी। तभी से इस दिन को भारतीय नौसेना सबमरीन डे के रूप में मनाती है। यह रूस में बनी सबमरीन थी। इसकी ट्रेनिंग भी रूस में ली गई थी जो 3 महीने चली थी। एक अखबार को दिए अपने इंटरव्यू के मुताबिक कमांडर पी.के रामनाथन ने कहा कि रूस में ट्रेनिंग उन्होंने रुसी भाषा में ही ली थी क्योकि उस समय रुसी कमांडर इंग्लिश नहीं जानते थे इसलिए ट्रेनिंग से लेकर आईएनएस कावेरी S(23) को भारतीय नोसेना में शामिल होने तक काफी चुनोती पूर्ण समय रहा। एक किस्से को याद करते हुए वह बताते है जिस दिन आईएनएस कावेरी S(23) को भारतीय नोसेना में शामिल किया जाना था तो हमे  ओवरकोट दिया गया जो की कम स्तर का था क्योकि 8 दिसम्बर 1967 को -17०c तापमान था पर हमने निर्णय लिया की हम सामन्य सर्दी वाली वर्दी ही पहने गे जो देखने में भी अच्छी लग रही थी।

भारतीय नौसेना दुनिया की 7 वि बड़ी सेना में आती है। भारत के पास अभी 15 सबमरीन है वही हमारे पडोसी चीन के पास 56 सबमरीन है जो हमसे काफी आगे है। वही पाकिस्तान के पास 8 सबमरीन है। आइये एक नजर डालते है दुनिया के  बड़े मुल्को की नौसेना में कितनी सबमरीन है।




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Monday, 7 December 2015

सेकुलरिज्म का पैमाना ?



इस बार लोकसभा के सत्र की शुरुआत इसी सेकुलरिज्म शब्द से हुई। हमारे देश के गृह मंत्री जी ने इस पर काफी कुछ कहा, पर इंग्लिश शब्दकोष में सेक्युलर शब्द का अर्थ होता है “जो धार्मिक और आध्यात्मिक मामलो से जुड़ा न हो”। धर्म अपने आप में एक बड़ा शब्द है और इसका अर्थ भी व्यापक है। इसे एक शब्द और सन्दर्भ में लेकर हम नहीं सोच सकते धर्म का अर्थ जंहा तक हमारे वेदों और धर्मग्रंथो के अनुसार समझने की कोशिश करे, तो यह किसी भी पूजा पद्दति से सम्बंधित नहीं है जबकि यह सम्बंधित है आपके कर्तव्य से, आप किसी भी स्तिथि में हो आपका आचार विचार और व्यहवार क्या होना चाहिए उसके आधार को तय करता है, आपका धर्म। हालाकि कई लोग जो धर्म से जुड़े विद्वान है। वह कहते है, जो धारण किया जा सके वही धर्म है अर्थात जो आप अपने व्यहवार में अच्छी बातो को ला सके। इस बारे में हर किसी की अपनी राय है। किसी के लिए क्या धर्म है? वह देश काल और परिस्तिथि पर निर्भर करता है।

आज के सन्दर्भ में हम पूजा पद्दति को ही धर्म कहते है और इसके मानने वाले भी अलग अलग है जैसे हिन्दू, मुस्लिम ,सिख, ईसाई लेकिन इनकी जब धार्मिक भावनाए आहात होती है तो सबकी प्रतिक्रिया अगल अलग होती है। कोई हिंसा का सहारा लेता है तो कोई हिंसात्मक वाणी का। इस पर हर पार्टी की प्रतिक्रिया भी उसके धर्म के आधार पर अलग अलग आती है। कहते है सीधे पेड़ को सबसे पहले काटा जाता है। यही आज भारत में बहुसंख्यक समाज के साथ हो रहा है। बहुसंख्यक समाज के खिलाफ बोलना इनकी आस्थाओं का मज़ाक बनाना बहुत आसान है और वह विचारों की स्वतंत्रता के अंतर्गत आता है।

जानते है पैमाना क्या है ? सेक्युलर होने का

इसके अर्थ के बारे में हम पहले ही बात कर चुके है, परन्तु इसका पैमाना क्या है ? कौन-कौन सेक्युलर की श्रेणी में आता है ? आइये जरा समझने की कोशिस करते है।

जो हिन्दुओ की आस्थाओ पर सवाल खड़ा करे, जो हिन्दू मान्यताओं को ना माने और उन्हें पाखंड कहे, जो हिन्दू धर्म की आलोचना करे, जो श्री राम को काल्पनिक कहे, जो विकास की सिर्फ बात कहे और उसके लिए हिन्दुओ की आस्थाओ के केंद्र सेतु पूल को तोड़े, चाहे पर्यावरण विद्वान भी इस पर अपना विरोध दर्ज कराए, जो मंदिरों को तो तोड़े पर सडको के किनारे बढ़ते पीरो के होते अतिक्रमण को ना रोके, जो भारत के खिलाफ बात करे या जो ये कहे की श्री राम इस देश में नहीं पकिस्तान- अफगानिस्तान सीमा पर पैदा हुए है, या जो ये कहे भारत माता डायन है, वो लोग जो ये कहे मोहम्मद बिन कासिम, महमूद गजनवी, मोहम्मद गौरी, औरंगजेब हमारे हीरो है, दुनिया जानती है इन हीरो ने लाखो लोगो को मारा, लाखो को जबरदस्ती इस्लाम कबूल कराया, या वो जो हिन्दुओ देवताओ का फिल्मो में मज़ाक बनाते है, या वो जो हिन्दू देवी देवताओं की बद्दी तस्वीरे बनाते है या जो कहे मै मुस्लिम हूँ, आदि आदि

अब जानते है कि कौन सांप्रदायिक है ?

वही सांप्रदायिक है जो अपने आपको हिन्दू कहता है, या वो सांप्रदायिक है जो देश में सभी धर्मो के लिए एक क़ानून चाहता है, या वो जो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एक धवज की बात करता हो, जो ये सवाल उठाता हो की जब कश्मीर में पंडितो को कब बसाया जाएगा, जो महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, गुरु तेगबहादुर, हरी सिंह नलवा जैसे अनेक बहादुरों और देशभक्ति से लबालब लोगो की जीवनी पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात करता हो, आदि आदि

ऐसे ओर भी उदाहरण को शामिल किया जा सकता है पर मै अपने लेखन को यंहा विराम देना चाहुगा और आप से ये चाहुगा कि आप भी अपने आस पास जो घटित हो रहा है उस पर ध्यान देंगे तो समझ जाएगे की कौन सेक्युलर है ?     

Friday, 4 December 2015

केजरीवाल माला-माल, जनता बेहाल !




दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया ने आम आदमी से खास बनने की पहल कर दी है। जी हाँ अब दिल्ली के विधयाक की सैलरी भारत के प्रधानमंत्री से भी ज्यादा होगी। कल वीरवार के दिन आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधान सभा में एक बिल पास कर दिया। जिससे उनकी सैलरी में 400% की बढ़ोत्तरी हो जाएगी। अब यह बिल गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है स्वीकृति के लिए।

आम आदमी की राजनिति करने वाले केजरीवाल ने अब अपने को ख़ास बनाने की पूरी तैयारी कर ली है। अपने वादे से मुकरने की परम्परा को केजरीवाल ने बनाए रखा ओर जो वादे उन्होंने पार्टी बनाने से पहले और चुनाव जितने से पहले किये थे। उनसे एक बार फिर से पलटी मार गए। यह वही केजरीवाल है जो कहते थे मुझे गाडी नहीं चाहिए पर गाडी ली, मुझे बंगला नही चाहिए पर बंगला लिया, मै बच्चो की कसम खाता हूँ किसी का भी समर्थन नहीं लूँगा परन्तु चुनाव जितने के बाद कांग्रेस का समर्थन लिया। जिस लोकपाल के लिए पार्टी बनाई थी, वह कमजोर निकला और इनके पुराने सहयोगियों ने ही उस पर सवाल खड़े कर दिए। अन्ना का राग गा कर कुर्सी पर पहुचे केजरीवाल अन्ना का भी लोकपाल के मुददे पर समर्थन न ले सके। इनके अपने वादे से मुकरने की परम्परा आज भी कायम है अब दिल्ली की जनता का आम आदमी पार्टी पर से भरोसा डिगने लगा है। 

विधान सभा में जब यह बिल पास कर रहे थे तो बीजेपी के विधायक विरोध में सदन से उठ कर चले गए। इस पर एक आम आदमी पार्टी के विधायक पंकज पुष्कर भी पार्टी से ऊपर उठकर इस बिल का विरोध किया है। उनका कहना है कि "अगर महगाई है तो वह सबके लिए है। हमे अपने से पहले दिल्ली की जनता के बारे में सोचना चाहिए" पार्टी की राजनिति से ऊपर उठकर किया गया यह कदम सराहनीय है। 

एक नजर मोजुदा वेतन पर:-


अभी दिल्ली के एक विधायक की बेसिक सैलरी 12000 हजार है, जो सभी खर्चो के साथ मिलाकर लगभग 88000 हजार्  रूपये है, लेकिन इस बिल के पास होने के बाद एक दिल्ली के विधायक की बेसिक सैलरी 50000 जो के प्रधानमंत्री की बेसिक सैलरी के बराबर है, हो जाएगी और सभी खर्चो के साथ एक विधायक को अब मिलेगे लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये, जो पुरे देश के सभी विधायको से कोसो आगे है। सांसद भी प्रस्तावित वेतन से कम सैलरी लेते है। हमारे प्रदानमंत्री की सैलरी भी 1 लाख 60 हजार रूपये है। 

आम आदमी की सियासत करने वाले अब जनता से पूछ कर कोई फैसले नहीं लेते, जो अब तक सब कुछ जनता से पूछ कर काम करने का वादा करते आये है, पर इस विषय पर कुछ भी नहीं कहा एक ओर जंहा सफाई कर्मचारियों का वेतन के पैसे अभी तक नहीं गए, दूसरी तरफ अपने विज्ञापन पर 530 करोड़ रूपये खर्च कर दिए जो दिल्ली की जनता की गाडी कमाई थी। आम आदमी पार्टी की सरकार से पहले किसी भी सरकार ने विज्ञापन पर 18 करोड़ से ज्यादा खर्च, कभी नहीं किये और अब वेतन बढोत्तरी। 

Wednesday, 2 December 2015

"जन गण मन" पर विवाद।




आज जब सुबह का समाचार पत्र पढ़ रहा था तो ये देख कर बड़ी हैरानी हुई कि कुछ लोग इस बात पर वाद विवाद कर रहे थे कि जन गण पर अगर कोई खड़ा नहीं होता तो क्या हुआ ? यह विवाद शुरू हुआ मुंबई से जंहा एक परिवार को थिएटर से इसलिए बाहर कर दिया क्योकि वह राष्ट्र-गान के सम्मान में खड़ा नहीं हुआ।

यह अब विवाद बन गया है कि उसे बहार क्यों किया ? क्या आप को लगता है कि यह विषय विवाद का है अगर इस पर भी विवाद होगा तो लगता है हमारे देश के लोग भोगी हो गए है और अपने आलस के रोगी हो गए है ।जिसमे वे अधिकारों की माग तो करते है सविधान का हवाला देकर पर उसी सविधान ने उन्हें जो नागरिक के कर्तव्य बताए है। उस पर कभी बात नहीं करते आज तक मैंने किसी भी बुद्धिजीवी को नागरिक के कर्तव्य के ऊपर बात करते नहीं सुना। सभी सविधान में दिए नागरिक अधिकारों पर वाद विवाद करते है क्यों वो ये बात नहीं करते कि अगर आप अपने नागरिक कर्तव्य को नहीं  निभाते तो आप नागरिक अधिकारों के भी अधिकारी नहीं है।
मै इस बात पर पूरी तरह से सहमत हूँ अनुपम खेर जी से जो उन्होंने इस पर कहा " सवाल ये नहीं है कि किसी को दबाव में खड़ा किया, यह राष्ट्र-गान है और आप को खड़ा होना पड़ेगा यदि आप एक भारतीय है ओर होना ही चाहिए।  इस पर कोई चर्चा नहीं होनी चाहिए। मैंने अपने बच्चे को सिखाया है और मुझे यकीन है हर भारतीय माता-पिता यही करते है"।


रवीना टनडन ने अपने ट्वीटर पर लिखा है कि " दुःख का दिन भारत के लिए, जब हम इस पर विवाद करते है की हमे यह अधिकार है की हम अपने राष्ट्र-गान का सम्मान करे या ना करे मै एक भारतीय हूँ मै अपना कर्तव्य निभाऊगी" ।
यह विवाद बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्र-गान के सम्मान के ऊपर विवाद होना क्या आप कुछ समय अपने देश को नहीं दे सकते।
एक अन्य अभिनेता रजत कपूर का इस पर क्या विचार है देखे



देश का सम्मान करना न करना किसी की अपनी निजी बात नहीं है क्योकि ये मेरी भावनाओं को आहात करती है और सिर्फ मेरी ही नहीं जो भी लोग इस देश से प्यार करते है। उन सबकी भावनाओ को आहात करती होगी। किसी के ग्रन्थ के पन्ने फट जाते है तो प्रदेश में अराजकता फ़ैल जाती है,। किसी के पैगम्बर का कार्टून छपता है तो भावनाए आहात होती है।  पर जब कोई इस देश का सम्मान नहीं करता तब किसी को दर्द नहीं होता और किसी की भावनाए आहात नहीं होती यह विचारणीय विषय है। 

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