Monday, 30 November 2015

कौन सही कौन गलत ? अनिल विज या संगीता कालिया !



                                      

फतेहबाद में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, जिला शिकायत एवं जनसम्पर्क समिति के दौरान एक  महिला आईपीएस ऑफिसर संगीता रानी कालिया से, अवैध शराब पर सवाल पूछा। जिसपर दोनों, मंत्री जी और महिला ऑफिसर एक दुसरे पर सवाल उठाने लगे। उसी बात से खफा होकर मंत्री जी ने महिला ऑफिसर को मीटिंग से बाहर जाने को कहा। इस पर ऑफिसर ने जाने से इनकार कर दिया। इससे नाराज मंत्री जी, मीटिंग बीच में ही छोड़ कर चले गए और इस बात को मुख्यमंत्री तक ले जान की बात कही। हरियाणा के मुख्यमंत्री जी ने इस पर कार्यवाही करते हुए महिला ऑफिसर का तबादला मानेसर में कर दिया।  

इस घटना क्रम के बारे में तो सभी जानते है, परन्तु यंहा पर इस घटना का थोडा सा विवरण देना जरुरी था। कल तक विपक्ष, सरकार पर अफसरसाही के ऊपर नकेल न कसने का आरोप लगा रहा था परन्तु आज वही विपक्ष ऑफिसर का समर्थन कर रहा है और उसे शाबाशी दे रहा है। चलो थोड़ी देर के लिए इस बात को अलग करके सोचते है कि कौन सही था या कौन गलत ? बात इस पर करते है की यह मुददा ना तो महिला का था ओर न ही दलित का था। ये दोनों बाते कहाँ से आ गई ? कि दलित का अपमान हुआ है। नेता जी को भरी सभा में ऐसा नहीं बोलना चाहिए था या एक महिला अधिकारी को ऐसा नहीं कहना चाहिए था। क्या यह घटना किसी महिला के अपमान से जुडी थी ? नही, क्या यह घटना किसी दलित से जुडी थी ? नहीं, क्या वह महिला अधिकारी वंहा महिला होने की वजह से बैठी थी या अधिकारी होने की वजह से ? क्या वह वंहा दलित है इसलिए बैठी थी ? सभी का उत्तर है नहीं ।

फिर भी इस घटना को उसी चश्मे से देखा जा रहा है। हरियाणा के sc/st आयोग ने हरियाणा सरकार से इस बारे में विस्तार में जानकारी मांगी है।



घटना का राजनीतिकरण:-

यंहा एक बात को समझना आवश्यक है, अगर अफसर जनता के चुने हुए, प्रतिनिधियों के सवालो का गैर जिम्मेदारी से उत्तर देंगे तो वह उस जनता की भी नहीं सुनेगे। जिनकी सेवा के लिए वे उस पद पर बैठे है। इस बात को हमे समझना होगा कि अवैध शराब पर ये कह देना की “हमने 2500 पर्चे काट दिए, अब हम क्या करे? उन्हें जान से तो नहीं मार सकते” कहा तक जायज है ? क्या पुलिस की जिम्मेदारी ख़त्म हो गई पर्चे काट कर। जब जिला शिकायत एवं जनसम्पर्क समिति में कोई शिकायत ले कर आया है और वह कह रहा की इस मामले में हमने पुलिस को सूचित किया पर पुलिस की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला तो उस समय वंहा मौजूद महिला ऑफिसर को उस क्षेत्र के इंस्पेक्टर से जानकारी मांगनी चाहिए थी और शिकायत कर्ता के सहयोग की बात करनी चाहिए थी, पर वह अपनी सफाई में लग गई, यह मुददा अब मंत्री जी और अफसरशाही के बीच, खीच तान का लग रहा है जो अफसर मंत्री की नहीं सुन रहे। वो क्या एक आम ओर साधारण व्यक्ति की शिकायत पर क्या कार्यवाही करेगे ?

इस पर आईपीएस अफसर अशोक खेमका ने संगीता कालिया पर सवाल उठाए और ट्विटर के माध्यम से इस विषय पर अपना पक्ष रखा।




कहा कि "क्या मंत्री एसपी को गलत आदेश दे रहे थे? जंहा जनहित का मामला हो वंहा विवाद पर राजनीतिक अनुकूलता बनाने के लिए पुलिस का उतरदायित्व सही नहीं है" ।

इसी विवाद पर अन्य आईपीएस ऑफिसर, कासनी ने भी महिला ऑफिसर पर सवाल उठाए है।

अंत में, मै यंही कहना चाहता हूँ कि जब भी कोई विवाद उठता है तो उस पर खेमे बंदी शुरू हो जाती है। वह महिला थी। वह दलित था। वह मुस्लिम है इसलिए उसके साथ ऐसा हो रहा है। क्यों नहीं हम किसी भी घटना पर निष्प्क्ष हो कर, अपने बयान देते है ? जब  भी कोई घटना होती है, हम सभी खेमो में बंट जाते है, अगर कोई गलत है तो वह गलत है चाहे वह किसी भी धर्म और जाति का हो ।

इस बात के साथ, मै अपनी बात को यही ख़त्म करुगा कि एक बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हेराल्ड मैकमिलन ने कहा था कि " संसद और राष्ट्र के प्रति विपक्ष के नेता की बड़ी और अहम जिम्मेदारी है विशेष परिस्थियों में, विशेषकर बुराई को प्रभावित करने वाले मामलो में, यधपि वह सरकार का आलोचक रहता है, लेकिन साथ ही उसे सरकार का समर्थन करना पड़ता है। यह जिम्मेदारी उसे शुद्ध हृदय से निभानी पड़ती है"। 

परन्तु यंहा पर लगता है कि विपक्ष यंहा एक ही जिम्मेदारी निभा रहा है। वह है आलोचना की, चाहे वह केंद्र में हो यंहा प्रदेश में ।

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Saturday, 28 November 2015

संयुक्त रूप से भारत और इजराइल कर रहे है बराक-8 मिसाइल को विकसित।



बराक और इजराइल मिल कर बराक-8 मिसाइल को विकसित कर रहे है जो बराक मिसाइल का ही विकसित रूप होगा। बराक-1 को भारत और इजराइल पहले से ही इस्तेमाल कर रहे है। बराक-8 किसी भी हवाई खतरे को रोकने में सक्षम है जैसे लड़ाकू विमान, हेलिकोप्टर, एंटी-शिप मिसाइल, UAV s और यह क्रूज मिसाइल को भी रोकने की काबिलियत रखता है। 

इस मिसाइल को इजराइल ऐरोस्पस इंडस्ट्रीज (IAI) और भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन मिल कर विकसित कर रहे है। भारत में इसका उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड करेगी इसकी पहली 32 मिसाइल आईएनएस कोलकत्ता में लगाई जाएगी और भविष्य में आईएनएस विक्रांत, आईएनएस विक्रमादित्य में लगाने का प्रस्ताव है। 

मिसाइल की विशेषताए : 

यह मिसाइल 4.5 मीटर लम्बी है और इसका वजन 275 किलोग्राम है जो अपने साथ 60 किलोग्राम का वारहेड ले जा सकती है। यह एक स्मोक्लेस मिसाइल है। इसकी अधिकतम गति 2 मैक है। इसकी मारक क्षमता 90 किलोमीटर है। यह एक साथ कई लक्ष्यों को ले के चल सकती हैउ। 

अभी इन बराक श्रेणी की मिसाइलो का इस्तेमाल भारत, इजराइल और भविष्य में पोलैंड कर सकता है । 26 नवम्बर 2015 को इसका सफल परिक्षण इजराइल ने किया है।

Friday, 27 November 2015

POK पाकिस्तान का हिस्सा बना रहेगा : फारूख अब्दुल्ला


जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने बयान दिया। जिसने भारत विरोधियो को फिर एक मुददा दे दिया जो उनको मजबूत करेगा। फारूख अब्दुल्ला ने क्या कहा उसे देखिये " POK पकिस्तान का हिस्सा है और वह पकिस्तान का ही रहेगा और जम्मू कश्मीर भारत में है और भारत में ही रहेगा हमे यह समझना पड़ेगा "।

फारूख अब्दुल्ला भारत सरकार के केन्द्रीय मत्री रह चुके है और जम्मू कश्मीर की मुख्य विपक्षी पार्टी नेसनल कांफ्रेंस के नेता है। उसके बाद भी उनका यह बयान न केवल गलत है बल्कि किसी भी देश द्रोह से कम नहीं है।

बोलने की आजादी के नाम पर आजकल नेता कुछ भी बोलते है और जब उनसे पूछा जाता है ऐसा क्यों बोला ? तो सविधान में दिए मौलिक अधिकारों की बात करते है। मै उनसे कहना चाहता अगर मौलिक अधिकार भारतीय सविधान ने दिए है तो कुछ मौलिक  कर्तव्य भी दिए है इसलिए तथाकथित नेताओ को उसका भी ध्यान रखना चाहिए और जो नेता देश को तोड़ने वाली बात करते है उन्हें सीधे जेल में डाल देना चाहिए।

इस बयान के बाद प्रतिक्रिया स्वरूप प्रदेश के केन्द्रीय मंत्री जितेद्र सिंह ने कहा " हम ये केसे भूल सकते है कि संसद ने 22 फरवरी 1994 में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था " ।



अपने पिता के बचाव में नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उसके पिता ने ऐसा बयान पहली बार नहीं दिया है। वह यह सब देख कर अचम्भित है। यह उन्होंने अपने ट्विटर पर पोस्ट किया ।

रूस ने तैनात की तुर्की सीमा के पास मिसाइल



24 नवम्बर तुर्की के 2 F-16 फाइटर प्लेन ने रूस के 1 su-24 को मार गिराया। इस पर दोनों देशो के बीच तनाव बढ़ गया है। तुर्की ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने रूस के पायलट को 5 मिनट में 10 बार चेतावनी दी थी कि वह तुर्की हवाई क्षेत्र में परवेश कर गया है। इसके लिए उसने वो ऑडियो क्लिप भी सार्वजानिक कर दी है। तुर्की ने अपना पक्ष रकते हुए आगे कहा कि " अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार तुर्की का यह अधिकार है कि वह अपने हवाई क्षेत्र के उल्घंन को रोके"। 
इसका खंडन करते हुए रूस ने कहा है कि su-24 सीरिया के हवाई क्षेत्र में ही था और जब वह गिरा तो वह सीरिया की सीमा में 4 किलोमीटर तक अंदर तक था। 

रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि " सीरिया ने पीठ में खंजर घोपा है"। 
इसी के जवाब में रूस ने su- 400 एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल तुर्की से सटे सिरयाई प्रान्त लताकिया में तैनात कर दी है। अब रूस तुर्की पर आर्थिक प्रतिबंद लगाने की तैयारी कर रहा है। रूस के प्रधानमंत्री दमित्री मेदवेदेव ने बताया के रूस ने तुर्की के साथ चल रही सारी सयुंक्त परियोजनाओ को रोक दिया है। तुर्की खाद्य-पदार्थो और ईधन के लिए रूस पर काफी हद तक निर्भर करता है।

रूस के राष्ट्रपति ने इससे पहले कहा था कि वह तुर्की से इस सब घटनाक्रम के लिए माफ़ी मांगने का और रूस की क्षतिपूर्ति का इन्तजार कर रहा है 

Thursday, 26 November 2015

फ्रांस के बाद स्विजरलैंड में भी बुर्का बैन !

                                           Giorgia Ghiringhalli

स्विजरलैंड में अब सभी सार्वजानिक स्थानों पर बुर्का पहनने की पाबन्दी है। अगर कोई महिला बुर्का पहनेगी तो उस पर $9828.84 का जुर्माना लगेगा स्विजरलैंड में इस प्रस्ताव को लेकर गिओरिगिया घिरिन्घल्ली (Giorgia Ghiringhalli) लेकर आये थे इस प्रस्ताव के पास होने पर उन्होंने कहा कि

" यह परिणाम सभी इस्लामी कट्टरपन्थियो' को एक सन्देश है इस देश में" 

उन्होंने आगे कहा " जो लोग घुलना-मिलना चाहते है चाहे वो किसी भी धर्म के हो उनका स्वागत है लेकिन वो जो हमारे मूल्यों पर प्रतिघात करते है और एक समानांतर समाज चलाना चाहते है और अपने धार्मिक कानूनों के आधार पर और हमारे समाज पर थोपना चाहते है उनका स्वागत नहीं है"।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे एक "काला दिन" बताया है।

स्विज़रलैंड के टिकिनो ने इस पर 2013 में भी प्रतिबंद लगाया था पर उस पर सख्ती से पालन नहीं किया था क्योकि डर था की इससे पर्यटन उद्योग को काफी नुक्सान पहुचेगा। 

निकोलस सरकोजी ने जून 2009 में कहा था कि " फ्रांस में धार्मिकता की वजह से चेहरे छुपाने वालो का स्वागत नहीं है। फ्रांस का कानून जबरदस्ती महिलाओ को बुर्का पहनने वालो से बचाने के लिए है और फ्रांस की पंथनिरपेक्ष मूल्यों को बनाए रखने के लिए है।" 

इस तरह से इस कड़ी में आगे बेल्जियम और नीदरलैंड भी जुड़ गए है स्विज़रलैंड में 4 लाख मुस्लिम रहते है जो की जनसँख्या  का 5% है।  

भारतीय मूल के अंतोनियो बने पुर्तगाल के नये प्रधानमंत्री !


भारतीय मूल के अंतोनियो कास्टा पुर्तगाल के नए प्रधानंमंत्री बन गए है। उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ पुर्तगाल के राष्ट्रपति एनिबल कवाको सिल्वा ने दिलवाई 230 सदस्यों की संसद में, कास्टा की पार्टी ने 86 सीटे जीती और लेफ्ट पार्टी के साथ मिल कर सरकार बनाई है। 
अंतोनियो कास्टा 1961 में लिस्बन में जन्मे है उनकी उम्र 54 साल है। वह 2007 से 2015 तक लिस्बन के मेयर रह चुके है। उन्होंने मेयर का पद चुनाव अभियान के लिए छोड़ दिया था। इनकी पार्टी सौसिलिस्ट पार्टी इस वादे के साथ सरकार में आई है कि वह कठोर आर्थिक उपायों में ढील देने की बात कही थी। 

# फ्रांस के बाद स्विजरलैंड में भी बुर्का बैन !

गुरु तेग बहादुर जी


गुरु तेग बहादुर सिक्खों के 9वे गुरु है। इनका जन्म अमृतसर में 1 अप्रैल 1621 को सोढ़ी परिवार में हुआ था। सोढ़ी वंश सोढ़ी राय जी से शुरू हुआ। सोढ़ी राय जी भगवान् राम के पुत्र, कुश के पुत्र (सोढ़ी राय) है।
गुरु तेग बहादुर जी के बचपन का नाम त्याग मल खत्री था। यह सिक्खों के 6वे गुरु हर गोबिंद जी के पुत्र थे। इन्होने गुरुमुखी, संस्कृत, हिंदी भाषाए भाई गुरुदास जी से सीखी, तीर अन्धाजी, घुड़सवारी बाबा बुधा जी से और तलवारबाज़ी अपने पिता जी गुरु हरगोबिन्द जी से सीखी। 13 साल की उम्र में इन्होने अपने पिता जी को करतारपुर के युद्ध में सहयोग किया इनकी बहादुरी और वीरता को देख कर इनको तेग बहादुर जी के नाम से सम्मानित किया इनका विवाह माता गुजरी से हुआ।

Tuesday, 24 November 2015

आमिर खान के बेतुके बोल !




आमिर खान ने रामनाथ गोयनका अवार्ड समाहरो में एक बयान दिया। जिसमे उन्होंने कहा " व्यकितगत रूपसे, इस देश के हिस्से के रूप में, इस देश के नागरिक के रूप में, हम न्यूज़ पेपर पढ़ते है कि क्या हो रहा है ? हम यह समाचारों में देख सकते है और निश्चित रूप से इसने मझे चिंतित कर दिया है"।

 "जब मै किरण से घर में बात करता हूँ, वह कहती है कि " क्या हमे भारत छोड़ देना चाहिए" वह डरती है कि हमारे आस पास का माहौल केसा होगा। वह डरती है न्यूज़ पेपर खोलने से हरदिन।" आगे आमिर खान कहते है कि "यह संकेत करता है एक बेचेनी की भावना बढ़ रही है"  

आमिर खान के बयान ने मुझे ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इस देश में क्या सच में असहिष्णुता है ? क्या सच में हम अब सहिष्णु नहीं रहे ? क्या 18 महीने की बीजेपी सरकार ने ऐसा क्या किया जो सभी लोग असहिष्णुता का मुददा उठा रहे है ? कुछ तो होगा जो इतने बड़े सितारे को ये बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा कि देश अब रहने लायक नहीं रहा। इन सब के बीच में मै आमिर खान से और साथ में ही शाहरुख खान से ये पूछना चाहता हूँ कि आप जितने बड़े कलाकारों को जिन्हें प्रदेश सरकार की तरफ से सुरक्षा मुहैया है और आप लोग खुद के भी बॉडीगार्ड रखते है उसके बाद भी आपको डर लग रहा है क्यों ? ये बात  सोचने को मजबूर करती है अगर आप अपने बारे में नहीं और देश के माहौल के बारे में बात कर रहे है तो मेरा एक सवाल ओर है दोनों खान से कि 

Monday, 23 November 2015

भारत ने किया इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परिक्षण !




भारत ने रविवार को भारत में बनी सुपरसोनिक मिसाइल का परिक्षण किया जो की सफल रहा। इस मिसाइल की खासियत यह है कि यह दुश्मन देश की आने वाली मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर देती है। इस मिसाइल का परिक्षण उड़ीसा के अब्दुल कलम द्वीप से किया गया अभी भी DRDO के वैज्ञानिक इस मिसाइल के डेटा का विश्लेष्ण कर रहे है हालाकि यह अपने लक्ष्य को भेदने में कामयाब रही।

यह प्रणाली एडवांस एयर डिफेन्स के नाम से जानी जाती है। यह 1200 किलोग्राम की है। इसकी उचाई 7.5 मीटर है। यह सिंगल स्टेज है जो ठोस इंधन पर काम करती है। इसकी अधिकतम गति 4.5 मैक है।

बांग्लादेश ने दी 1971 के युद्ध अपराधियों को फांसी।

        अली हसन मोहम्मद                        सलाउद्दीन कादर चौधरी
बांग्लादेश के दो शीर्ष नेताओ अली हसन मोहम्मद और सलाउद्दीन कादर चौधरी को ढाका सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गई। ये दोनों 1971 के युद्ध अपराध के लिए दोषी थे।  इनकी दया याचिका राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने ठुकरा दी थी। 
इससे पहले 18 लोगो को 1971 के युद्ध अपराध के लिए सजा सुनाई जा चुकी है। सलाउद्दीन चौधरी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता थे जो कि प्रमुख विपक्षी पार्टी है जबकि अली हसन मोहम्मद कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के महासचिव थे जमात-ए-इस्लामी ने 23 नवम्बर को पुरे देश में बंद का आह्वान किया है। 
इन नेताओ की फांसी से पाकिस्तान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है "हम दुर्भाग्यपूर्ण फांसी पर गहरी चिंता और आक्रोश जताते हैं" इन फांसी से पाकिस्तान में भी काफी बेचैन लग रहा है ।   

Friday, 20 November 2015

मणि शंकर अय्यर का देश के स्वाभिमान पर चोट और मुस्लिम तुस्टीकरण की निति इस देश के लिए घातक साबित होगी।


मणि शंकर अय्यर पाकिस्तान में बैठकर दिए गए बयान से राजनीतिक गलियारों में तूफ़ान आ गया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया है पर बात यहाँ बीजेपी और काग्रेस की नहीं है और न ही बात ये है के उन्होंने मोदी की बुराई की है।  बात यह है की उन्होंने हमारे देश के प्रधान मंत्री की न केवल बुराई की है बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए पकिस्तान के टीवी पत्रकार को कह रहे है, वो ये बात तक भूल गए है के मोदी जी हमारे देश के प्रधानमंत्री है और उन्हें देश की जनता ने चुना है। मणि शंकर अय्य्र्र जी पाकिस्तान में जाकर कहते है, आप इन्हें हटा दीजिये और हमे ले के आजाइए अगर भारत पाकिस्तान के बीच बात शरू करनी है। पहली बात मोदी जी अब देश के प्रधानमंत्री है। उनका अपमान करना मतलब देश का अपमान करना है और आपको किसने हक दिया पाकिस्तान में जाकर ये सब बोलने का। आप मोदी जी की बुराई करने में ये सब भूल गए के अब आप भारत के हित पर चोट कर रहे है, आखिर ये सब मोदी जी से इतना डरते क्यों है ? क्या इन्हें अपनी राजनीतिक जमींन छोटी पड़ रही है। अगर इसी तरह से ये मुस्लिम तुस्टीकरण की निति पर चलते रहे तो देश को गृह युद्ध की तरफ धकेल देंगे।


ये tweet शकील अहमद का 17 नवम्बर 2015 का है जो अपने आप अपनी कहानी कह रहा है। कांग्रेस के ये नेता भूल गए है के अब तक इनकी जुबान थकती नहीं थी, ये कहते हुए कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता क्योकि अब तक ये अपराध मुस्लिम करते आये है। दुनिया में आज जितनी आतंकवादी गतिविदियो में मुस्लिम शामिल है शायद ही कोइ ओर होगा। उसके बाद भी आतंक का कोई मजहब नहीं होता, मै इस बात से सहमत हूँ, पर क्या हो जाता है ? उन सबको जब यही लोग हिन्दुओ को न केवल आतंकवादी कहते है बल्कि ये "भगवा आतंकवाद", "हिन्दू तालिबान" जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल करते है ये उस भगवे का अपमान करते है जो हजारो सालो से इस देश के मूल निवासियों की आस्था का प्रतिक है जो आधुनिक युग में एक क्रांति का प्रतिक था। यह वही भगवा है जिसे पहन कर हमारे भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव हँसते हुए फासी पर झूल गए, यह वही भगवा है जिसने वीर शिवाजी की भुजाओं में बल दिया और भारत को स्वराज का सपना दिखाया, यह वही भगवा है जो हमारे सिक्ख गुरूओ ने अपने तन पर सजाया, यह वही भगवा है जो हमे ज्ञान देता है ध्यान देता है, हमे सोचने पर मजबूर करता के हम इस धरती पर क्यों आये ? क्या हमारा कर्तव्य है इस मात्रभूमि के लिए ? यही वही भगवा है जो श्री राम ने पहना था वनवास जाते हुए और अपने कर्तव्य की याद दिलाता रहा, यह वही भगवा है जो राम जी को मजबूर करता है कहने के लिए की "जननी जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़ कर है" और कुछ मुट्ठी भर लोग इस की महानता इसकी पवित्रता पर सवाल उठाते हो, मुझे तो शर्म उन पर भी आती है जो हिन्दू होते हुए हिन्दुओ को ही आतंकवादी कहते है शायद ये वर्णशंकर है जो अपने कुल, धर्म, जाति और देश के घाति होते है। क्या कभी आपने किसी मुस्लिम को मुस्लिम को आतंकवादी कहते हुए सुना है वो पूरी दुनिया का ज्ञान आपके ऊपर उड़ेल देंगे और कहेगे कि इस वजह से ये हुआ और उस वजह से वो हुआ पर ये नहीं कहेगे के हा ये आतकंवादी होते है और जो नहीं है वो हो भी सकते है। दुनिया में अगर कही सहिष्णुता है तो वो है हिन्दुओ में। मैं नहीं जानता क्यों कुछ मुट्टी भर तथकथित सेकुलर लोग हिन्दुओ को आतंकवादी बताने पर लगे हुए है इन की सहनशीलता पर बार बार चोट करते है अगर हिन्दू सहनशील नहीं होता तो दुनिया में बोद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी आदि धर्मो को मानने वाले इस धरती पर न होते और नहीं ये धर्म होते। ये हिन्दू धर्म ( सनातन धर्म ) की विशेषता है की इसकी गोद में हर कोई पला बढ़ा और इसकी कुछ विशेषताओ को लेकर अपनी उन्नति करी पर इसने किसी में दोष नहीं निकला जैसे माँ अपने बच्चे को अपना सबकुछ दे देती है पर कभी शिकायत नहीं करती और बच्चा अपनी माँ से सीखी बातो को लेखर ही आगे बढ़ता है।

Thursday, 19 November 2015

अच्छे दिनों की तरफ बढती बीएसएनएल।



भारतीय संचार निगम लिमिटिड (BSNL) के CMD अनुपम श्रीवास्तव ने मंगलवार को बताया कि 2014 - 2015 में 672 करोड़ रूपये का ऑपरेटिंग लाभ बीएसएनएल ने कमाया है। जबकि 2013 - 2014 में बीएसएनएल का ऑपरेटिंग हानि 691 करोड़ रूपये था। इस तरह से हम कह सकते है कि बीएसएनएल अपने अच्छे दिनों की तरफ बढ़ने लगी है। संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद की ठोस नीतियों के चलते अब यह फिर से अपने पैरो पर खड़ा होने लगी है। बीएसएनएल इकलोती सरकारी कम्पनी है जो लाभ की तरफ बढ़ रही ही है। 
कांग्रेस के समय में बीएसएनएल की अनदेखी के चलते यह 10000 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली कम्पनी 25000 करोड़ रूपये तक की हानि तक पहुच गई थी। अभी कम्पनी का ध्यान आने वाले समय में 4G सेवाओ पर रहेगा और भविष में हम MTNL और BSNL का विलय भी देख सकते है।  MTNL दिल्ली और मुंबई में अपनी सेवाए देती है।

Tuesday, 17 November 2015

हिन्दू होना ही अपने आप में सेक्युलर होना है।


जिस तरह हमारे देश में खबरों के बीच में भेदभाव हो रहा है, और जिस तरह से हमारे बुद्धिजीवी सहिष्णुता और असहिष्णुता के मुददे को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे है। उससे उन लोगो का तो भला हो सकता है, पर देश का बिलकुल नहीं। इससे हमारे देश की छवि बाहर के मुल्को में ख़राब हो रही है और जिस FDI की देश को जरूरत है उसमे रोड़ा अटक सकता है। जो हमारी अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।


 12 नवम्बर 2015 को जब देश गोवर्धन पूजा के बाद खुशिया मनाने में मगन था तो एक घटना मेरठ में घटी जिसपर हमारे धर्मनिरपेक्ष कहे जान वाले बुद्धिजीवी और हमारे मिडिया के धुरन्धरो का ध्यान नहीं गया। जब लोग गोवर्धन पूजा के बाद सैनी वाली गली में पटाखे जला रहे थे, तो वही से कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ कर वापिस आ रहे थे, तो मुस्लिम युवको ने उन्हें वंहा पटाखे जलाने से रोका तो इसी विषय को लेकर दोनों समुदायों के बीच में तनाव बढ़ गया और बात एक दुसरे पर पथराव तक पहुच गई। पुलिस ने आकर दोनों समुदायों के बीच समझोता कराया, पर मेरा सवाल यह है कि पुलिस ने वंहा उन मुस्लिम युवको पर कार्यवाही क्यों नहीं की ? जिन्होंने हिन्दुओ के धार्मिक कार्य में बाधा डाली और मेरा यह भी सवाल है के किसी भी बुद्धिजीवी ने इस असहिष्णुता पर कोई प्रश्नचिन्ह क्यों नहीं लगाया ? एसी ही एक घटना तब हुई जब कन्नौज में दुर्गा माता की मूर्ति के विसर्जन के समय मुस्लिम युवक के ऊपर गुलाल गिर गया तो उस मुस्लिम युवक ने महेश नाम के युवक को गोली मार कर हत्या कर दी, पर यह घटना किसी भी चैनल की ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं बनी। जब दादरी में मरने वाले अखलाख को 45 लाख रुपये दिए जाते है जबकि उसका लड़का एयर फाॅर्स में है और उसके भाइयो को भी 5 5 लाख दिए जाते है,  पर इस केस में महेश को सिर्फ 10 लाख देने की घोषणा की जाती है जबकि यह गरीब रेहड़ी लगाने वाला था और इसके हत्यारे को गिरफ्तार करने में भी पुलिस ने आना कानी दिखाई। ऐसी ही असहिष्णुता पश्चमी बंगाल में देखी गई जब एक गाव में दुर्गा पूजा पर पाबंदी लगा दी गई।  जबकि गाव की  हिन्दू आबादी 60% है और 40% मुस्लिम आबादी है। फिर भी वंहा दुर्गा पूजा पर पाबन्दी लगा दी है। ऐसी ही अनेक घटनाए देश के कोने कोने में है, पर इन घटनाओ को प्रमुखता से किसी अखबार या चेंनलो पर दिखाया नहीं जाता और न ही इन विषयों को लेकर कोई प्राइम टाइम डिबेट होती है। 

Saturday, 14 November 2015

फ्रांस पर आतंकी हमला

                
 

7 जनवरी 2015 के चार्ली हेब्दो आतंकी हमले के बाद ये दूसरा बड़ा आतंकी हमला फ़्रांस पर हुआ है। जिसमे अभी तक 153 लोगो के मारे जाने की खबर है और ये आकडा बढ़ भी सकता है। फ्रांस के   नेशनल स्टेडियम में फ्रांस और जर्मनी की बीच फूटबाल का मैच चल रहा था। उस वक़्त एक फिदायीन हमलावर ने अपने आपको स्टेडियम के बाहर उड़ा दिया इसमें लगभग 40 लोग मारे गए। उस दौरान स्टेडियम में फ्रांस के राष्ट्रपति और जमर्नी के विदेश मंत्री फ्रैंक वाल्टर भी मौजूद थे। जैसे की खबर है आतंकियों ने 7 जगह पर हमला किया। उनमे से एक बैटाकलां थिएटर में लोगो को बंधक बना कर मार डाला गया, तो कई जगह अंधाधुन्द गोलिया चलाई गई। अगर इन हमलो का पैटर्न देखे तो ये बिलकुल मुंबई हमलो के जैसे ही थे।


Tuesday, 10 November 2015

दीपावली की शुभकामनाए।


आप सभी को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं। इस दीपावली आपका जीवन भी दिए की भाती सभी के जीवन के अंधकार को मिटाए।

Saturday, 7 November 2015

भारत का अस्त्र




अब भारत भी उन गिने चुने देशो की श्रेणी में आ जाएगा जो हवा से हवा में मार करने की मिसाइल बनाने की काबिलियत रखते है, जैसे की अमेरिका, रूस, फ्रांस और इसराइल। अब भारत के पास है अपने ही देश में निर्मित हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल जो किसी भी विमान को पलक झपकते ही जमीदोज कर सकती है। इस मिसाइल का नाम है “अस्त्र” इस प्रोजेक्ट को अनुमति मार्च 2004 में मिली और इसकी शुरुआत में कीमत 995 करोड़ रखी गई थी और लगभग एक दशक के बाद भारत अपने मिशन में कामयाब हो गया है क्योकि इस तरह की मिसाइल बनाने में काफी तकनिकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उसी वजह से यह प्रोजेक्ट कई बार अपनी तय समय सीमा को पार कर गया लेकिन पिछले साल मई 2014 में इसका पहला परिक्षण किया सुखोई 30MKI विमान से, और अब तक इस मिसाइल के कई परिक्षण किये जा चुके है। DRDO को आशा है की इसकी प्रोडक्शन 2016 में शुरू हो जाएगी और भारत को अब अन्य देशो से महंगी मिसाइल्स नहीं खरीदनी पड़ेगी। भारत इसके उन्नत वर्जन "अस्त्र 2" पर भी काम कर रहा है जो इससे बेहतर होगी।

Thursday, 5 November 2015

क्या समाज में साम्प्रदायिकता को बढ़ावा दे रहा है मीडिया ?


दादरी की घटना सभी को याद होगी और होनी भी चाहिए क्योकि की इसका श्रेय हमारे मीडिया को  बखूबी जाता है लेकिन एक घटना जिस पर ज्यादा लोगो का धयान नहीं गया या ये भी कह सकते है की मीडिया ने इस पर धयान नहीं दिया और इसे दादरी की तरह अंतर्राष्ट्रीय घटना बनने से बचा लिया और एक कदम आगे बढकर इस घटना को राष्ट्रिय घटना भी नहीं बनने दिया। आगे बढ़ने से पहले मै दादरी घटना की कुछ खास बाते सामने रखना चाहता हूँ।

इस घटना में मरने वाले अख़लाक़ के परिवार को 45 लाख रूपये हर्जाने के रूप में मिले और उसके दो भाइयो को भी 5-5 लाख रूपये मिले जबकि भाइयो का बाल भी बांका नहीं हुआ। अखलाक का पुत्र पहले से ही एयर फाॅर्स में है तो एयर फाॅर्स ने भी मदद को आगे हाथ बढ़ाये, जो की अच्छा और सकारात्मक कदम हैं। कुछ नेताओ ने इसे सांप्रदायिक घटना बताया तो कुछ नेता राजनीतिक फायदा लेने के प्रयास में दिल्ली और हैदराबाद छोड़ कर यंहा आकर रोना रोने लगे जैसे उनके शहर में रामराज्य है।